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Showing posts from March, 2023

Depression and Erectile Dysfunction: Understanding the Connection

At some point in their lives, many men will experience  erectile dysfunction (ED) . This is a common condition that affects a large number of men, especially those who are older. But did you know that depression can also play a role in erectile dysfunction? In fact, there is a strong connection between the two. In this article, we will explore the relationship between depression and erectile dysfunction, and offer some advice for those who are struggling with these issues. What is Erectile Dysfunction? Erectile dysfunction, or ED, is a condition in which a man is unable to achieve or maintain an erection that is sufficient for sexual intercourse. This can be a frustrating and embarrassing problem, significantly impacting a man's self-esteem and relationships. There are many different causes of ED, including physical factors like diabetes, high blood pressure, and obesity, as well as psychological factors like anxiety, stress, and depression. What is Depression? Depression is a comm...

लहसुन, शहद और अदरक केसे कर सकते हैं इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का इलाज

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन पुरुषों में होनेवाले यौन-रोगों से संबन्धित एक अत्यन्त ही महत्वपूर्ण और गम्भीर रोग है. जो कोई भी व्यक्ति इस गम्भीर यौन-रोग की चपेट में आ जाता है तो लाखों कोशिशों के बावजूद उसका अपनी महिला पार्टनर के साथ यौन-सम्बन्ध स्थापित कर पाना अत्यन्त ही दुश्वार हो जाता है और इसका परिणाम यह होता है कि उसे अपने-आपमें बहुत ही शर्मिंदगी का सामना करना पड़ जाता है जिससे वह हीन-भावना का शिकार होकर अपनी जिन्दगी से मायूस हो जाता है और इससे उसका दाम्पत्य-जीवन भी अत्यन्त ही दुख:दाई हो जाता है. इस गम्भीर यौन-रोग से पीड़ित व्यक्ति जब अपने पार्टनर के साथ यौन-सम्बन्ध स्थापित करने की प्रक्रिया में शामिल होता है तो उसे उसके लिंग में अनुकूल तनाव व पर्याप्त कठोरता का सर्वथा अभाव महसूस होता है और वह चाहकर भी अपने पार्टनर के साथ यौन-सम्बन्ध बनाने में अपने-आपको सर्वथा असमर्थ पाता है. जिसका परिणाम यह होता है कि एक ओर तो वह स्वयं में शर्मिंदगी और अपराध-बोध का शिकार होकर घुटन भरी जिन्दगी जीने पर मजबूर हो जाता है तो वहीं दूसरी ओर उसके पार्टनर की स्थिति यह होती है कि यौन-क्रियाओं के दौरान जिस सुखद आनन्द ...

मनोवैज्ञानिक इरेक्टाइल डिसफंक्शन को मात देने के लिए टिप्स

यौन-रोगों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन पुरुषों में होनेवाला एक अत्यन्त ही महत्वपूर्ण और गम्भीर रोग है और जो कोई भी व्यक्ति इस गम्भीर यौन-रोग की चपेट में आ जाता है उस व्यक्ति को यह रोग बहुत ही बुरी तरह अन्दर तक खोखला करके रख देता है और वह व्यक्ति लाखों कोशिशों के बावजूद चाहकर भी अपने जीवन में अपनी महिला पार्टनर के साथ किसी भी स्थिति में यौन-सम्बन्ध स्थापित करने में सर्वथा नाकाम हो जाता है जिसकी वजह से उसका अपनी जिन्दगी पर से विश्वास उठ जाता है और उसकी जिन्दगी अत्यन्त ही नीरस हो जाती है. किसी भी पुरुष के जीवन में जब किसी भी कारणवश उसके लिंग की नसों में पर्याप्त मात्रा में रक्त-संचार नहीं होता है तो उस व्यक्ति का लिंग लुंज-पुंज स्थिति में तनावरहित होकर प्रायः ढीली अवस्था में ही रहता है और इस अवस्था में वह व्यक्ति किसी भी स्थिति में लैंगिक रूप से उत्तेजित नहीं हो पाता है जिससे उस व्यक्ति का सम्पूर्ण आत्मविश्वास धूलि-धूसरित होकर रह जाता है और इस लैंगिक उत्तेजना के अभाव में वह चाहकर भी अपनी महिला पार्टनर के साथ यौन-सम्बन्ध स्थापित करने की स्थिति में नहीं रह जाता है और इस वजह से वह व्यक्ति घुट-घ...

NoFap क्या है ?? NoFap के बारे में सच्चाई

एक ऐसी प्रक्रिया जिसमें व्यक्ति स्वयं ही अपने-आपमें एक ऐसी चुनौती के प्रति प्रतिबद्ध होता है कि वह अपने जीवन में कभी भी हस्तमैथुन नहीं करेगा और इतना ही नहीं बल्कि वह अश्लील साहित्य, अश्लील वेबसाइट के साथ ही पोर्न फिल्मों से भी अपने-आपको दूर रखेगा, ऐसी ही स्थिति में स्वयं को ढालने की प्रक्रिया को नोफैप कहते हैं. जिन व्यक्तियों ने अपने जीवन में इस चुनौती को स्वीकार किया है उन लोगों का स्पष्ट रूप से यह मानना है कि अगर व्यक्ति पूरी दृढ़ता और पूर्ण आत्मविश्वास के साथ स्वयं को ऐसी स्थिति में ढालने के प्रति प्रतिबद्ध होता है तो वह पुरुषत्व की दृष्टि से पूरी तरह बहुत ही बेहतरीन स्थिति में अपने- आपको परिपूर्ण पाता है और उसमें अच्छे हार्मोन का भी संचार पर्याप्त मात्रा में होता है. कहने का तात्पर्य यह है कि इस चुनौती की स्वीकार्यता की वजह से उसे अपने-आपमें बड़ी ही सहजता से सुपर पावर की अनुभूति होने लगती है. इस चुनौती को स्वीकार करने की वजह से व्यक्ति शारीरिक मानसिक और भावनात्मक रूप से बहुत ही बेहतरीन स्थिति को प्राप्त हो जाता है. वह अपने-आपमें पूर्व की अपेक्षा बहुत ही ज्यादा ऊर्जान्वित महसूस करत...

Tips to Beat Psychological Erectile Dysfunction

 Psychological erectile dysfunction is also commonly seen where there is no physical anomaly, but the man cannot sustain or get an erection. It is a mental condition and needs guidance. An erectile dysfunction solution is available from a sexologist. Consult an expert to get to the root cause and avail the best suitable treatment. Erectile dysfunction is a sexual dysfunction that could happen due to varying physical and psychological factors. Irrespective of the reason, erectile dysfunction is an embarrassing condition for men. It breaks their confidence and affects their self-esteem. It later showcases the effects on the relationships and might even result in divorce. Overall, it affects all aspects of man's life and makes things unbearable. Psychological Erectile Dysfunction Psychological erectile dysfunction is due to impaired psychology and the absence of any physical factors per se. Psychological issues are man-made and are mostly unreal. It is possible to think you have a sm...

कीगल एक्सरसाइज करने का सबसे आसान तरीका

मानव जीवन में शरीर को स्वस्थ रखने में व्यायाम का अत्यन्त ही महत्वपूर्ण स्थान है. व्यायाम व्यक्ति को सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखने में अपनी बड़ी ही महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करता है और इतना ही नहीं, प्रतिदिन नियमित रूप से व्यायाम करने से व्यक्ति में कई प्रकार की खतरनाक बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता भी बहुत हद तक विकसित होती है जो व्यक्ति को स्वस्थ बनाए रखने में काफी सहायक होती है. ऐसा ही एक व्यायाम है जिसे 'कीगल' के नाम से जाना जाता है. यह एक ऐसा व्यायाम है जिसे हर एक उम्र की स्त्री और पुरुष को करना चाहिए जिससे स्त्री-पुरुष का यौन-जीवन भी बहुत ही बेहतरीन रूप से खुशहाल बना रहता है. कीगल एक्सरसाइज को "पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज" भी कहा जाता है. पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों और उत्तकों की एक ऐसी श्रृंखला को कहते हैं जो व्यक्ति के पेल्विक के निचले भाग को एक-दूसरे के साथ जोड़कर रखने में सहायक होती है और यह अन्य कार्यों के अलावा व्यक्ति के मूत्र-प्रवाह को नियंत्रित करने के साथ-ही-साथ सेक्स के दौरान यौन-क्रियायों में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका ...

सेक्स और लिंग के आकार की सच्चाई

हमारी मानव सभ्यता की उत्पत्ति के समय से लेकर अब-तक यह प्रश्न प्रासंगिक है कि सेक्स की प्रक्रिया में लिंग के आकार का क्या महत्व है? क्या लिंग का आकार सेक्स के आनन्द को प्रभावित करता है? पुरुषों के मन में चलने वाला यह प्रश्न उसके अन्दर उसे विभिन्न प्रकार की आशंकाओं के साथ ही भ्रांत धारणाओं के मकड़जाल में भी उलझाए रखता है. इस सम्बंध में ध्यान देने योग्य बात यह है कि शुरू से ही पुरुष अपने प्रजनन अंग के आकार को लेकर विभिन्न प्रकार की भ्रांत धारणाओं के मकड़जाल में उलझ जाता है और ऐसी भ्रांत धारणाओं की वजह से व्यक्ति में मानसिक विकारों का जन्म होता है और जब भी सेक्स की प्रक्रिया में लिंग के आकार की बात आती है तो वह चिन्तित हो उठता है. कई पुरुषों की यह मान्यता ​​है कि सेक्स सम्बन्ध स्थापित करने की प्रक्रिया में बड़ा लिंग अपेक्षाकृत छोटे लिंग से अच्छा परफॉर्म करता है, जबकि सही मायने में यह एक बहुत बड़ी भ्रांत धारणा है क्योंकि सेक्स सम्बन्ध स्थापित करने की प्रक्रिया में लिंग के छोटे या बड़े होने का कोई औचित्य ही नहीं है. और इतना ही नहीं, यौन-सुख के मामले में बड़ा या छोटा लिंग सेक्स से प्राप्त होन...

स्तम्भन दोष और शीघ्रपतन से कैसे छुटकारा पाएं

 व्यक्ति के जीवन में स्तम्भन दोष और शीघ्रपतन यौन-रोगों से सम्बंधित एक ऐसी जटिल समस्या है जिसकी वजह से व्यक्ति को अपने-आपमें अत्यन्त ही शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है और इतना ही नहीं, वह अपने पार्टनर के सामने भी कम आत्मसम्मान और हीन भावना से ग्रसित हो जाता है, जिससे उसका यौन-जीवन अत्यन्त ही दुख:दाई हो जाता है. दरअसल होता यह है कि स्तम्भन दोष और शीघ्रपतन से पीड़ित व्यक्ति जब अपने पार्टनर के साथ यौन-सम्बंध बनाने की प्रक्रिया में शामिल होता है तो उसके लिंग में पर्याप्त कठोरता का नितान्त ही अभाव होता है और वह व्यक्ति चाहकर भी अपने पार्टनर के साथ यौन-सम्बंध बनाने में अपने-आपको सर्वथा असमर्थ पाता है, बावजूद इसके वह किसी भी प्रकार से इस दिशा में प्रवृत्त होने की कोशिश करता है तो परिणाम यह होता है कि वह शीघ्र ही स्खलित हो जाता है जिसके परिणामस्वरूप एक ओर तो वह स्वयं में शर्मिंदगी और अपराध-बोध का शिकार होकर घुटन भरी जिन्दगी जीने पर मजबूर हो जाता है तो वहीं दूसरी ओर उसका पार्टनर भी अपने-आपमें चिड़चिड़ा होकर अपनी जिन्दगी को कोसने लगता है क्योंकि शारीरिक संतुष्टि के अभाव में उसकी जिन्दगी अत्य...

लिंग पर पोर्न की लत का प्रभाव

व्यक्ति के जीवन में किसी भी प्रकार की लत क्यों न हो, अन्ततः वह शरीर के लिए हानिकारक ही होता है, अतः व्यक्ति को चाहिए कि जहां तक सम्भव हो अगर वह किसी भी प्रकार की लत का शिकार ही क्यों न हो, उससे अपने-आपको को हरसम्भव बचाने का भरपूर प्रयत्न अवश्य करना चाहिए क्योंकि इससे सिर्फ शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी व्यक्ति के जीवन में इसका बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ता है जो व्यक्ति के लिए अच्छी बात नहीं होती है. अगर यह लत पोर्न फिल्मों की हो तो व्यक्ति को चाहिए कि वह तत्काल अपनी इस लत से छुटकारा पाने की कोशिश करे क्योंकि एक ओर तो यह मानसिक रूप से व्यक्ति को पंगु बनाती है तो वहीं दूसरी ओर यह लैंगिक रूप से भी व्यक्ति को बहुत ही बुरी तरह नपुंसकता की चपेट में ले लेती है. बारम्बार पोर्न फिल्में देखने की वजह व्यक्ति कुंठाग्रस्त हो जाता है जो पुरुषत्व की दृष्टि से बेहद ही खतरनाक सिद्ध होता है क्योंकि पोर्न फिल्में देखने की लत व्यक्ति के मनोमस्तिष्क को सदैव गन्दे विचारों से ओत-प्रोत रखता है जैसा कि उसने पोर्न फिल्मों में देखा हुआ होता है और जब वह वास्तविक जीवन में तुलनात्मक दृष्टि से अपन...