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स्तम्भन दोष और शीघ्रपतन से कैसे छुटकारा पाएं

 व्यक्ति के जीवन में स्तम्भन दोष और शीघ्रपतन यौन-रोगों से सम्बंधित एक ऐसी जटिल समस्या है जिसकी वजह से व्यक्ति को अपने-आपमें अत्यन्त ही शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है और इतना ही नहीं, वह अपने पार्टनर के सामने भी कम आत्मसम्मान और हीन भावना से ग्रसित हो जाता है, जिससे उसका यौन-जीवन अत्यन्त ही दुख:दाई हो जाता है. दरअसल होता यह है कि स्तम्भन दोष और शीघ्रपतन से पीड़ित व्यक्ति जब अपने पार्टनर के साथ यौन-सम्बंध बनाने की प्रक्रिया में शामिल होता है तो उसके लिंग में पर्याप्त कठोरता का नितान्त ही अभाव होता है और वह व्यक्ति चाहकर भी अपने पार्टनर के साथ यौन-सम्बंध बनाने में अपने-आपको सर्वथा असमर्थ पाता है, बावजूद इसके वह किसी भी प्रकार से इस दिशा में प्रवृत्त होने की कोशिश करता है तो परिणाम यह होता है कि वह शीघ्र ही स्खलित हो जाता है जिसके परिणामस्वरूप एक ओर तो वह स्वयं में शर्मिंदगी और अपराध-बोध का शिकार होकर घुटन भरी जिन्दगी जीने पर मजबूर हो जाता है तो वहीं दूसरी ओर उसका पार्टनर भी अपने-आपमें चिड़चिड़ा होकर अपनी जिन्दगी को कोसने लगता है क्योंकि शारीरिक संतुष्टि के अभाव में उसकी जिन्दगी अत्य...

स्तम्भन दोष और शीघ्रपतन से कैसे छुटकारा पाएं

व्यक्ति के जीवन में स्तम्भन दोष और शीघ्रपतन यौन-रोगों से सम्बंधित एक ऐसी जटिल समस्या है जिसकी वजह से व्यक्ति को अपने-आपमें अत्यन्त ही शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है और इतना ही नहीं, वह अपने पार्टनर के सामने भी कम आत्मसम्मान और हीन भावना से ग्रसित हो जाता है, जिससे उसका यौन-जीवन अत्यन्त ही दुख:दाई हो जाता है. दरअसल होता यह है कि स्तम्भन दोष और शीघ्रपतन से पीड़ित व्यक्ति जब अपने पार्टनर के साथ यौन-सम्बंध बनाने की प्रक्रिया में शामिल होता है तो उसके लिंग में पर्याप्त कठोरता का नितान्त ही अभाव होता है और वह व्यक्ति चाहकर भी अपने पार्टनर के साथ यौन-सम्बंध बनाने में अपने-आपको सर्वथा असमर्थ पाता है, बावजूद इसके वह किसी भी प्रकार से इस दिशा में प्रवृत्त होने की कोशिश करता है तो परिणाम यह होता है कि वह शीघ्र ही स्खलित हो जाता है जिसके परिणामस्वरूप एक ओर तो वह स्वयं में शर्मिंदगी और अपराध-बोध का शिकार होकर घुटन भरी जिन्दगी जीने पर मजबूर हो जाता है तो वहीं दूसरी ओर उसका पार्टनर भी अपने-आपमें चिड़चिड़ा होकर अपनी जिन्दगी को कोसने लगता है क्योंकि शारीरिक संतुष्टि के अभाव में उसकी जिन्दगी अत्यन्त ह...